सोहराबुद्दीन मामले की सुनवाई कर रहे जज की मौत में चौंकाने वाला खुलासा

22 November 2017
मुंबई में सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहे सोहराबुद्दीन हत्या कांड की सुनवाई कर रहे जज बृजगोपाल हरकिशन लोया की 1 दिसंबर 2014 को नागपुर में मौत हो गई थी.

मुंबई में केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के जज बृजगोपाल हरकिशन लोया (48) के परिवार को 1 दिसंबर 2014 की सुबह सूचना दी गई कि नागपुर में उनकी मौत हो गई है, जहां वे एक सहयोगी की बेटी की शादी में हिस्‍सा लेने गए हुए थे. लोया इस देश के सबसे अहम मुकदमों में एक 2005 के सोहराबुद्दीन मुठभेड़ हत्‍याकांड की सुनवाई कर रहे थे. इस मामले में मुख्‍य आरोपी अमित शाह थे, जो सोहराबुद्दीन के मारे जाने के वक्‍त गुजरात के गृह राज्य मंत्री थे और लोया की मौत के वक्‍त भारतीय जनता पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष थे. मीडिया में खबर आई थी कि लोया की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है.

उनकी मौत के बाद लोया के परिवार ने मीडिया से बात नहीं की थी, लेकिन नवंबर 2016 में लोया की भतीजी नूपुर बालाप्रसाद बियाणी ने मुझसे संपर्क किया जब मैं पुणे गया हुआ था. उनहें अपने अंकल की मौत की परिस्थितियों को लेकर मन में संदेह था. इसके बाद नवंबर 2016 से नवंबर 2017 के बीच मेरी उनसे कई मुलाकातें हुईं. इस दौरान मैंने उनकी मां अनुराधा बियाणी से बात की जो लोया की बहन हैं और सरकारी डॉक्‍टर हैं. इसके अलावा लोया की एक और बहन सरिता मांधाने व पिता हरकिशन से मेरी बात हुई. मैंने नागपुर के उन सरकारी कर्मचारियों से भी बात की जो लोया की मौत के बाद उनकी लाश से जुडी प्रक्रियाओं समेत पोस्टमार्टम का गवाह रहे थे.

इस आधार पर लोया की मौत से जुड़े कुछ बेहद परेशान करने वाले सवाल खड़े हुए- मौत के कथित विवरण में विसंगतियों से जुड़े सवाल, उनकी मौत के बाद अपनाई गई प्रक्रियाओं के बारे में सवाल, और लाश परिवार को सौंपे जाने के वक्‍त उसकी हालत से जुड़े सवाल. इस परिवार ने लोया की मौत की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने की मांग की थी, जो कभी नहीं हो सका.

30 नवंबर 2014 की रात 11 बजे लोया ने अपनी पत्‍नी शर्मिला को अपने मोबाइल से नागपुर से फोन किया. करीब 40 मिनट हुई बातचीत में वे दिन भर की अपनी व्‍यस्‍तताएं उनहें बताते रहे. लोया अपने एक सहकर्मी जज सपना जोशी की बेटी की शादी में हिस्‍सा लेने नागपुर गए थे. उन्‍होंने शुरुआत में नहीं जाने का आग्रह किया था, लेकिन उनके दो सहकर्मी जजों ने साथ चलने का दबाव बनाया. लोया ने पत्‍नी को बताया कि शादी से होकर वे आचुके हैं और बाद में वे रिसेप्‍शन में गए. उन्‍होंने बेटे अनुज का हालचाल भी पूछा. उन्‍होंने पत्‍नी को बताया कि वे साथी जजों के संग रवि भवन में रुके हुए थे. यह नागपुर के सिविल लाइंस इलाके में स्थित एक सरकारी वीआइपी गेस्‍टहाउस है.

लोया ने कथित रूप से यह आखिरी कॉल की थी और यही उनका अपने परिवार के साथ हुआ आखिरी कथित संवाद भी था. उनके परिवार को उनके निधन की खबर अगली सुबह मिली.

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