मध्य प्रदेश: आरएसएस से नाराज साधुओं का बीजेपी के खिलाफ चुनाव प्रचार

27 November 2018
हाई प्रोफाइल साधु नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा आरएसएस से अलग हो कर 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दे रहे हैं.
पीटीआई
हाई प्रोफाइल साधु नामदेव दास त्यागी उर्फ कंप्यूटर बाबा आरएसएस से अलग हो कर 28 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का साथ दे रहे हैं.
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की चुनावी रणनीति में हिंदू धार्मिक नेताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. बीते सालों में धर्म और राजनीति के इस मिश्रण ने संघ को भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में भगवा लहर बनाने में मदद की है. लेकिन इस साल अस्वाभाविक रूप से बड़ी संख्या में धर्म गुरु 28 नवंबर को होने जा रहे विधानसभा चुनाव में बीजेपी का विरोध करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं. चुनाव का पारा बढ़ने के साथ साधुओं ने यह प्रण लिया है कि वे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार को उखाड़ फेकेंगे.

धर्म गुरुओं के इस विद्रोह का नेतृत्व कंप्यूटर बाबा ने नाम से मशहूर हाई प्रोफाइल साधु नामदेव दास त्यागी कर रहे हैं. 23 नवंबर को जबलपुर में नर्मदा नदी के किनारे हिंदू धार्मिक नेताओं के भव्य आयोजन के बाद मुझसे बात करते हुए उन्होंने कहा, “हम लोग का मात्र एक उद्देश्य हैः नर्मदा नदी और गाय की रक्षा. लेकिन शिवराज सिंह चौहान हमारी बात सुनने को तैयार नहीं हैं.” कंप्यूटर बाबा ने आगे कहा, “शिवराज नर्मदा और गाय विरोधी हैं और आरएसएस के करीबी साधुओं को संरक्षण देकर साधु समुदाय को मूर्ख बनाना चाहते हैं.”

एकदिवसीय नर्मदा संसद में राज्यभर के 1000 साधुओं ने भाग लिया. सुबह संसद का आरंभ यज्ञ के साथ हुअ जिसमें चौहान सरकार के हराने की प्रार्थना की गई. संसद के अंत में एक प्रस्ताव पारित किया गया जिसमें जनता से संत विरोधी बीजेपी सरकार को हराकर “धर्म की रक्षा” करने का आह्वान किया गया.

जबलपुर में आयोजित यह संसद राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंदू धर्म गुरुओं द्वारा आयोजित श्रृंखलाबद्ध विरोध प्रदर्शनों का समापन कार्यक्रम था. पहला प्रदर्शन भोपाल में 2 अक्टूबर को हुआ था, उसके बाद 23 अक्टूबर को इंदौर में, 30 अक्टूबर को ग्वालियर में, 4 नवंबर को खंडवा में और 11 नवंबर को रीवा में प्रदर्शन हुआ.

कंप्यूटर बाबा ने इन प्रदर्शनों और संसद के आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई. इस वर्ष अप्रैल में हिंदू धर्म गुरुओं में व्याप्त असंतोष को देखते हुए शिवराज सिंह ने कंप्यूटर बाबा और अन्य चार बाबाओं को राज्य सरकार में राज्य मंत्री बनाया था. बाबा लोग प्रदेश में पहली बार मंत्री नहीं बने थे. 2016 में आरएसएस प्रचारक से साधु बने अखिलेश्वरानंद गिरी को मध्य प्रदेश गो संवर्धन बोर्ड का प्रमुख बनाया गया था. अप्रैल में चार साधुओं को मंत्री बनाए जाने के बाद राज्य के प्रशासन में लगे साधुओं की संख्या छह हो गई. लेकिन छह महीनों के अंदर ही कंप्यूटर बाबा और शिवराज सिंह चौहान सरकार के बीच तकरार हो गई. आरोप लगा कि सरकार आरएसएस के करीबी साधुओं के पक्ष में पक्षपाती व्यवहार कर रही है.

Dhirendra K Jha is a journalist. He is the author of Shadow Armies: Fringe Organizations and Foot Soldiers of Hindutva and the co-author of Ayodhya: The Dark Night.

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